गाजियाबाद में तीन मासूम बहनों की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि वे लंबे समय से ऑनलाइन गेम और वर्चुअल दुनिया की लत में डूबी थीं। पढ़ाई और असली जीवन से उनका जुड़ाव कम होता गया, और मोबाइल बंद किए जाने के बाद उन्होंने बेहद खौफनाक कदम उठा लिया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि डिजिटल लत का खतरनाक सच है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में अचानक गुस्सा, अलगाव और मोबाइल पर निर्भरता बड़े संकेत होते हैं। माता-पिता को डांटने के बजाय बातचीत, समय और भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है, वरना छोटी गलती भी बड़ी दुर्घटना बन सकती है।
ऐसा क्या लत लग गई उसे गेम की दूसरे बच्चों की जान ले ली इस जान से यह साबित होता है कि फोन बच्चों के मन पर क्या असर करता है कि यह बात आजकल की ही है यह कोई काफी पुरानी बात नहीं है अगर आप इस समय इस आर्टिकल को पढ़ रहे हो तो आपको इसमें से कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिलेगा क्योंकि आपके बच्चे आपकी बात नहीं मानते हैं और आपके बच्चों को कैसे आप मना सकते हो कैसे फोन नहीं देने दे सकते हो उसके ऊपर प्रॉपर यह आर्टिकल बनाया गया है वैसे तो यह बात लॉकडाउन से पहले ही चलती हुई आ रही थी जो इन बच्चों ने आज आत्महत्या करी है क्योंकि इनके मां-बाप ने अचानक उनके हाथों से फोन चीन के कारण इन बच्चों के दिमाग में पता ना क्या असर पड़ा कि उन्होंने साथ में फ्लोर पर आत्महत्या कर ली
गेम की लत ने ली तीन मासूम बच्चों की जान हुआ इस शहर में 3 लड़कियों का आत्महत्या कांड जाने कड़वा सच
Nikki Sharma
- COMMENTS