10th UP Board Social Science Exam 2026: गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में आज 10वीं यूपी बोर्ड सोशल साइंस की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हुई। परीक्षा खत्म होते ही छात्रों के चेहरों पर स्पष्ट राहत और खुशी दिखाई दी। अधिकतर विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को आसान, सीधा और सिलेबस आधारित बताया। कई छात्रों ने हंसते हुए कहा, मारे राया, पेपर तो उम्मीद से भी आसान था। अपने बवाल कर दिया शिक्षा पत्र को देखकर चौंक गया कि इतना इजी भी पेपर हो सकता है इस बार सामाजिक विज्ञान का प्रश्न पत्र इतना ही इजी आया है जिसको बच्चे दे है या नहीं हम आपको बता रहे हैं कि यह बात बिल्कुल सच है कि बच्चे परीक्षा को परीक्षा को देकर आए हैं कि उनको लग रहा है कि हम एक जंग जीत कर आए हैं

प्रश्नपत्र पूरी तरह पाठ्यक्रम पर आधारित

छात्रों के अनुसार पेपर में पूछे गए प्रश्न NCERT और निर्धारित सिलेबस से ही थे। इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र के सवाल स्पष्ट और समझने में सरल थे। लंबे उत्तर वाले प्रश्न भी ज्यादा घुमावदार नहीं थे। जिन छात्रों ने नियमित पढ़ाई और रिवीजन किया था, उन्हें उत्तर लिखने में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मन तो परीक्षा सार सुनकर ही सबके होश उड़ जाते हैं कि कैसे होगा क्या करेंगे क्या नहीं यह सब मां घबराने लगते हैं पर ऐसे

ऑब्जेक्टिव और मानचित्र प्रश्न रहे बेहद आसान

इस बार बहुविकल्पीय प्रश्न यानी ऑब्जेक्टिव सवाल सीधे और अभ्यास पर आधारित थे। मानचित्र वाला प्रश्न भी सामान्य तैयारी से हल हो गया। छात्रों का कहना है कि जिसने मॉडल पेपर और पिछले साल के प्रश्नपत्र देखे थे, उसके लिए पेपर और भी आसान रहा। कई विद्यार्थियों ने 70 से 80 अंक आने की उम्मीद जताई है।

अभिभावकों ने ली राहत की सांस

परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद माता-पिता बच्चों की प्रतिक्रिया सुनकर खुश नजर आए। जैसे ही छात्रों ने कहा कि पेपर आसान था, अभिभावकों ने राहत की सांस ली। माहौल में तनाव कम और संतोष ज्यादा दिखा।

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अब अगली परीक्षा पर रहेगा फोकस

शिक्षकों ने सलाह दी है कि आसान पेपर का मतलब यह नहीं कि तैयारी ढीली कर दी जाए। बाकी विषयों के लिए भी लगातार मेहनत और ध्यान जरूरी है। कुल मिलाकर 10वीं यूपी बोर्ड सोशल साइंस परीक्षा 2026 छात्रों के लिए सकारात्मक और राहत भरी साबित हुई। अब सभी को अच्छे परिणाम का इंतजार है।