Sun Pharma Share Price: वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली शीर्ष भारतीय दवा कंपनियों में से एक, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद, सन फार्मा के शेयरों में हाल ही में गिरावट आई। फिर भी, अपनी मज़बूत वित्तीय स्थिति और वैश्विक बाज़ार में अपनी स्थिति के कारण, यह कंपनी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प है।

सन फार्मा के शेयर मूल्य में हालिया गिरावट (Recent Fall In Sun Pharma Share Price)

26 सितंबर 2025 को, सन फार्मा के शेयर ₹1,586.70 पर बंद हुए, जो पिछले दिन के ₹1,627.40 से लगभग 2.5% कम था। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी सरकार द्वारा ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा है, जो 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी। इस नीति से भारतीय फार्मा कंपनियों, विशेषकर सन फार्मा, पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि वे अमेरिकी बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती हैं।

 दीर्घकालिक निवेशकों के लिए संभावनाएँ (Prospects For Long Term Investors)

हालांकि वर्तमान में शेयरों में गिरावट आई है, सन फार्मा की दीर्घकालिक संभावनाएँ सकारात्मक बनी हुई हैं। कंपनी का मार्केट कैप ₹3,90,612 करोड़ है, और पिछले तीन वर्षों में इसके शेयरों ने 76% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। विश्लेषकों के अनुसार, अगले 12 महीनों में कंपनी के शेयर ₹1,928.71 तक पहुँच सकते हैं, जो वर्तमान मूल्य से लगभग 18.5% अधिक है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति (Financial Position Of The Company)

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सन फार्मा ने वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में ₹13,786.1 करोड़ की सकल बिक्री और ₹2,996.1 करोड़ का समायोजित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो क्रमशः 10.1% और 5.7% की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। कंपनी का ऋण-इक्विटी अनुपात लगभग शून्य है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा, सन फार्मा ने अपने शेयरधारकों को नियमित रूप से लाभांश प्रदान किया है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

सन फार्मा का वर्तमान शेयर मूल्य और बाजार की स्थिति (Sun Pharma Current Share Price And Market Position)

सन फार्मा के शेयर की कीमत 26 सितंबर, 2025 को 2.55% गिरकर ₹1,586.55 पर बंद हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा, जो 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी होगी, इस गिरावट का कारण बनी। चूँकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा दवा निर्यातक है, इस नीति का भारतीय दवा उद्योगों पर प्रभाव पड़ा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस कानून से जेनेरिक दवा व्यवसाय कम प्रभावित होंगे, लेकिन परिष्कृत जेनेरिक और बायोसिमिलर दवाओं पर भविष्य में लगने वाले कर चिंता का विषय हैं। इसके बावजूद सन फार्मा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन किया। उदाहरण के लिए, सन फार्मा के शेयर में 2.55% की गिरावट आई, जबकि ज़ाइडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड और शिल्पा मेडिकेयर लिमिटेड के शेयर क्रमशः 4.34% और 2.63% गिरे।

वैश्विक बाजार में स्थिति (Situation In The Global Market)

सन फार्मा की वैश्विक उपस्थिति मजबूत है, विशेषकर अमेरिका, यूरोप, और एशिया के बाजारों में। कंपनी की विशेषता यह है कि यह ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं के साथ-साथ जेनेरिक दवाओं का भी उत्पादन करती है, जिससे उसे विभिन्न बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है। हालांकि, अमेरिकी बाजार में टैरिफ नीति से चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन कंपनी की विविध उत्पाद श्रृंखला और वैश्विक उपस्थिति इसे इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाती है।

वित्तीय प्रदर्शन और विकास की दिशा (Financial Performance And Direction Of Growth)

सन फार्मा ने वित्त वर्ष 2025 में 15.13% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दर्ज किया, जो पिछले पांच वर्षों के औसत 12.28% से बेहतर है। यह कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और निवेशकों के लिए आकर्षकता को दर्शाता है।

हालांकि, कंपनी की बिक्री वृद्धि पिछले पांच वर्षों में 9.87% रही है, जो अपेक्षाकृत धीमी है। फिर भी, कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में 23.8% की सीएजीआर (CAGR) के साथ लाभ में वृद्धि की है और 33.8% की स्वस्थ लाभांश वितरण नीति अपनाई है।

निवेशकों के लिए सुझाव (Tips For Investors)

वर्तमान में, सन फार्मा के शेयरों में अस्थिरता देखी जा रही है, लेकिन कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और वैश्विक उपस्थिति इसे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की आगामी तिमाही रिपोर्ट और अमेरिकी टैरिफ नीति के प्रभावों का मूल्यांकन करें। इसके अलावा, सन फार्मा की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति पर भी ध्यान दें।

निवारण (Redressal)

सन फार्मा की वर्तमान स्थिति में अस्थिरता हो सकती है, लेकिन कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और वैश्विक उपस्थिति इसे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की आगामी तिमाही रिपोर्ट और अमेरिकी टैरिफ नीति के प्रभावों का मूल्यांकन करें।