परिचय (Introduction)
CYCLONE ‘MOTHA’ WREAKS HAVOC: समुद्र की गहराइयों से, एक जानलेवा तूफ़ान अब तट तक पहुँच गया है।दक्षिण भारत के आसमान में, साइक्लोन मोंथा शब्द अब डर, बारिश और तबाही का प्रतीक बन गया है।सड़कें पानी से भर गई हैं, पेड़ गिर गए हैं, लहरें टकरा रही हैं, और तटीय आंध्र प्रदेश में हज़ारों लोगों ने राहत कैंपों में शरण ली है।यह चक्रवात अब इंसानियत के लिए एक परीक्षा के साथ-साथ मौसम की चेतावनी भी है।
Severe Cyclone Montha Live Updates | गंभीर चक्रवात मोंथा के लाइव अपडेट्स
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात मोंथा मंगलवार को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के तटीय क्षेत्रों से टकराया।
यह एक ‘Severe Cyclonic Storm’ बन चुका है, जिसकी रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंची।
चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश के 22 जिलों में 403 मंडल प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने 76,000 लोगों को राहत शिविरों में भेजा है और 219 मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं।
What is the Position of Cyclone Montha? | महीना चक्रवात की स्थिति क्या है?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार,
- यह चक्रवात मछलीपट्टनम से लगभग 160 किमी दक्षिण–पूर्व और
- काकीनाडा से 240 किमी दक्षिण–पूर्व में केंद्रित है।
- इसकी गति फिलहाल 12 किमी प्रति घंटा है।
IMD ने बताया कि यह चक्रवात उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और आज रात मध्यरात्रि तक तट को पूरी तरह पार करेगा।
Where Will Cyclone Michaung Hit? | चक्रवात मोंथा कहां टकराएगा?
चक्रवात मोंथा का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों — काकीनाडा, मछलीपट्टनम, विशाखापत्तनम और नेल्लोर में देखने को मिल रहा है।
इसके साथ ही ओडिशा के दक्षिणी जिलों जैसे गंजाम, गजपति, और रायगढ़ा में भी तेज बारिश और हवाएं चल रही हैं।
High Tidal Waves in Andhra | आंध्र में उठीं ऊंची लहरें और चेतावनी
आंध्र प्रदेश में समुद्री लहरों की ऊंचाई सामान्य से 1 मीटर ज्यादा दर्ज की गई है।
काकीनाडा पोर्ट पर ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर 10 फहराया गया है — यह किसी भी बंदरगाह के लिए सबसे बड़ी चेतावनी होती है।
- विशाखापत्तनम, गंगावरम और कलिंगपट्टनम में सिग्नल नंबर 9,
- मछलीपट्टनम और नज़ामपट्टनम में सिग्नल नंबर 8 जारी किया गया है।
तटीय सड़कों को बंद कर दिया गया है, खासकर उप्पादा–काकीनाडा बीच रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
Cyclone Montha Destroys Crops | मोंथा चक्रवात से फसलें तबाह
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की रिपोर्ट के अनुसार,
- 38,000 हेक्टेयर कृषि फसलें और
- 1.38 लाख हेक्टेयर बागवानी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
कुल मिलाकर 1.76 लाख हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है।
सरकार ने पशुओं के लिए 865 टन चारा और किसानों के लिए राहत पैकेज की तैयारी शुरू कर दी है।
122 Trains Cancelled | रेल सेवाओं पर मोंथा का असर
दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway) के मुताबिक,
अब तक 122 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया है।
अधिकांश प्रभावित ट्रेनों का संचालन विशाखापत्तनम–विजयवाड़ा सेक्शन में होता है।
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी जोनल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है और कहा है कि “यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
Relief and Rescue Operation | राहत और बचाव कार्य
सरकार ने अब तक:
- 76,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया,
- 219 मेडिकल कैंप, 488 कंट्रोल रूम और 1,447 अर्थमूवर मशीनें तैयार रखीं हैं।
- 321 ड्रोन और 1,040 चेनसॉ के माध्यम से पेड़ों को हटाने का कार्य जारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 3.6 करोड़ चेतावनी संदेश भेजे गए हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें।
Visuals from Ground | मोंथा चक्रवात के डरावने दृश्य
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि
- मछलीपट्टनम के मंगिनापुडी बीच पर तेज हवाओं से पेड़ गिर गए,
- चेन्नई के उपनगरों में सैकड़ों घर जलभराव से प्रभावित हुए,
- उप्पादा बीच रोड पूरी तरह टूट चुकी है।
एनडीआरएफ कमांडर ईश्वर राव ने कहा,
“हमारी टीम चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है, राहत बचाव का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।”
Cyclone Montha Reaches Odisha & West Bengal | ओडिशा और बंगाल तक पहुंचा मोंथा चक्रवात
ओडिशा के पुरुलिया और गंजाम जिलों में भी तेज हवाएं और बारिश दर्ज की गई हैं।
पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी असर देखा गया है, जहां प्रशासन ने लोगों को समुद्र किनारे जाने से रोका है।
Flights Cancelled Due to Cyclone Montha | हवाई सेवाओं पर असर
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के एयरपोर्टों पर 35 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं।
- इंडिगो की 30 उड़ानें,
- एयर इंडिया की 2, और
- एयर इंडिया एक्सप्रेस की 5 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
चेन्नई एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानें देरी से चल रही हैं, जबकि स्कूलों में एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
Cyclone Montha’s Impact in Tamil Nadu and Rajasthan | तमिलनाडु और राजस्थान में भी बारिश
मोंथा का असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहा।
तमिलनाडु, केरल और राजस्थान में भी बारिश का कहर देखा गया।
- चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवा में 130 मिमी बारिश दर्ज की गई।
‘Zero Casualties Goal’ – Odisha CM | ओडिशा सरकार का लक्ष्य – “शून्य जनहानि”
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा:
“हमारा लक्ष्य है कि कोई भी जनहानि न हो। सभी 8 जिलों में राहत दल तैनात कर दिए गए हैं और लोग सुरक्षित स्थलों पर भेजे जा रहे हैं।”
Preparations at Village Level | गांव-स्तर पर तैयारियां
विजयवाड़ा के NTR जिले में गांव-गांव में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
कलेक्टर डॉ. जी. लक्ष्मिशा ने बताया कि
“हर गांव में प्रतिक्रिया दल तैनात हैं। नालों की सफाई की गई है और सभी विभाग आपस में समन्वय कर रहे हैं।”
Cyclone Montha Expected Duration | चक्रवात महीना कितने दिन तक रहेगा?
IMD के अनुसार, मोंथा चक्रवात का प्रभाव अगले 48 घंटों तक रहेगा।
हालांकि, जैसे-जैसे यह उत्तर दिशा में बढ़ेगा, इसकी तीव्रता घटती जाएगी।
28 अक्टूबर रात से शुरू हुआ यह चक्रवात 30 अक्टूबर की सुबह तक कमज़ोर पड़ने की संभावना है।
How Cyclone Montha Looks from Satellite | उपग्रह से दिखा मोंथा का स्वरूप
उपग्रह चित्रों में मोंथा का चक्र लगभग 400 किमी चौड़ा दिख रहा है।
इसका केंद्र घना और अत्यधिक सक्रिय है, जिसके आसपास बादलों की तीव्रता बढ़ी हुई है।
Cyclone Montha Live News Summary | लाइव अपडेट सारांश
| घटना | विवरण |
| चक्रवात का नाम | मोंथा (Montha) |
| स्थिति | Severe Cyclonic Storm |
| स्थान | आंध्र तट – काकीनाडा व मछलीपट्टनम के बीच |
| गति | 90–110 किमी/घंटा |
| प्रभावित राज्य | आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल |
| प्रभावित लोग | 76,000 से अधिक |
| फसल नुकसान | 1.76 लाख हेक्टेयर |
| रद्द ट्रेनें | 122 |
| रद्द उड़ानें | 35+ |
| मृतक | 1 महिला (कोनसीमा जिला) |
| राहत कैंप | 219 |
| पशु चारा | 865 टन |
निवारण (Redressal)
साइक्लोन मोचा ने एक बार फिर कुदरत के गुस्से के सामने इंसानों की बेबसी दिखा दी है। हालांकि, सरकार की तैयारी, लोगों का साथ और मदद करने वाली संस्थाओं की तेज़ी, ये सभी इस तबाही से लड़ने में बहुत मदद कर रहे हैं। अभी तटीय इलाकों में बारिश और तेज़ हवाएं चल रही हैं, लेकिन माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों में हालात धीरे-धीरे