CBSE Blast: अब स्कूल में पढ़ाई को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। खबर है कि सीबीएसई बोर्ड बच्चों का स्ट्रेस कम करने के लिए नए कदम उठा रहा है। आजकल बच्चे पढ़ाई, एग्जाम और नंबरों के चक्कर में इतना टेंशन ले लेते हैं कि खेलना-कूदना भी भूल जाते हैं। कई बार तो हाल ऐसा हो जाता है कि बच्चा मुस्कुराना भी कम कर देता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने सोचा है कि पढ़ाई का माहौल थोड़ा हल्का और खुशहाल बनाया जाए। अगर जानना चाहे तो की यह सरकार सरकार सभी बच्चों के लिए खुशखबरी लेकर आई है जो भी बच्चे हैं सीबीएसई बोर्ड से हैं उनके लिए कुछ आर्टिकल में जाने आप क्या है इसमें
काउंसलिंग से बच्चों को मिलेगा सहारा
अब स्कूलों में काउंसलिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। मतलब अगर बच्चा परेशान है, डर रहा है या एग्जाम से घबराया हुआ है, तो उसे समझाने और हिम्मत देने वाला कोई होगा। टीचर और काउंसलर बच्चों से आराम से बात करेंगे, उनकी दिक्कत सुनेंगे और उन्हें समझाएंगे कि नंबर ही सब कुछ नहीं होते। इससे बच्चों को लगेगा कि कोई उनकी बात सुनने वाला भी है। सीबीएसई के बच्चे होंगे और भी खुश क्योंकि सरकार उनके लिए लेकर आई करने में होगी और भी आसानी जो कि वह परीक्षा से डर रहे हैं तो आपने इस बार का सीबीएसई बोर्ड एग्जाम इतना ही इजी बनाया है कि बच्चे देखकर खुश हो जाएंगे
एग्जाम का डर होगा थोड़ा कम
अक्सर बच्चे सोचते हैं कि अगर नंबर कम आए तो क्या होगा। यही सोच उन्हें अंदर से परेशान करती है। नई व्यवस्था में कोशिश रहेगी कि बच्चों को समझाया जाए कि पढ़ाई जरूरी है, लेकिन सेहत और खुशी उससे भी ज्यादा जरूरी है। जब बच्चा बिना डर के पढ़ेगा, तो रिजल्ट भी अच्छा आएगा। अगर मैं बताऊं तो कि यह खुशी अगर मैं बताऊं तो यह बच्ची बच्चे को हर खुशी मिलनी चाहिए क्योंकि बच्चे सीबीएसई में बहुत ही लगन से और मेहनत से पढ़ाई करते हैं फिर भी उन्हें परीक्षा टू लगती है पर कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो परीक्षा में पढ़ते नहीं है फिर भी वह पास हो जाते हैं परीक्षा को इतना सीरियस ना ले इजी से आराम से पढ़ें और याद रखें यह नहीं पटना नहीं होता उसको समझ ना होता है अगर जो समझ गया वहीं हासिल कर गया
माता-पिता की भी होगी जिम्मेदारी
सिर्फ स्कूल ही नहीं, मां-बाप को भी समझना होगा कि हर बच्चा अलग होता है। हर कोई टॉपर नहीं बन सकता, लेकिन हर कोई कुछ खास जरूर कर सकता है। बच्चों पर ज्यादा दबाव डालने से वे चुप हो जाते हैं। थोड़ा प्यार और हौसला देंगे तो बच्चा खुद आगे बढ़ेगा। बात करें माता-पिता की माता-पिता भी बहुत ज्यादा टेंशन लेते हैं कि हमारा बच्चा कैसे कैसे नंबर लेकर आएगा पर अब वह भी बेफिक्र हो जाए की परीक्षा बहुत ही इजी आने वाली है ना ही कोई पेरेंट्स घबराए ना ही कोई बच्चा घबराए घबराएंगे तो बच्चे को हौसला कौन देगा हौसला दीजिए कि वह अच्छे नंबर से पास हो जाएगा सीधी सी बात है, जब बच्चा खुश रहेगा तो पढ़ाई भी अच्छे से करेगा। अगर स्कूल में माहौल हल्का-फुल्का रहेगा, थोड़ा हंसी-मजाक भी होगा, तो बच्चे खुलकर सीखेंगे। आखिर पढ़ाई डर से नहीं, समझ से होती है। अगर यह बदलाव सही तरीके से लागू हुआ, तो सच में स्कूलों का माहौल बदल सकता है और बच्चे मुस्कुराते हुए पढ़ाई करेंगे।