उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कड़ाके की ठंड!

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में अचानक और तेज़ ठंड की लहर ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे माहौल पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इस बहुत ज़्यादा ठंड के कारण, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्कूल तीन दिनों तक बंद रहेंगे। इस बारे में एक आदेश जारी किया गया है। तो दोस्तों, मौसम बहुत खराब है, और ज़हरीली हवा और तेज़ ठंड के कारण स्कूल बंद  रहे गी आइए पूरी सच्चाई को आसान भाषा में समझें अगर आप हमारी वेबसाइट पर नए हैं, तो हमें अनुमति दें और हमारी Notifications को ऑन कर लें, ताकि आने वाली हर लेटेस्ट न्यूज़ आप मिस न करें।

जिला प्रशासन द्वारा जारी किये जाने वाले आदेश!

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गाजियाबाद जिले में क्लास 1 से 8 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल तीन दिनों तक बंद रहेंगे। यह फैसला बढ़ती ठंड, जहरीले वायु प्रदूषण और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके संभावित असर को देखते हुए लिया गया है।

गाजियाबाद जिले में बढ़ते प्रदूषण और ठंड का कारण क्या हैं!

गाजियाबाद जिले में बढ़ते प्रदूषण और कड़ाके की ठंड के पीछे बहुत कारण हैं। दिल्ली-NCR में  कार, बाइक, बस, ऑटो, की अधिक संख्या और फैक्ट्रियों और कारखानों से निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना रहा है। सर्दियों में हवा की रफ़्तार धीमी होने से प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता हैं और धुंधली और जहरीली हवा बन जाता है। वहीं हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं, घना कोहरा और धूप की कमी तापमान को तेजी से गिरा देती हैं।

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लोगों के पूछे जाने वाले सवाल!

गाजियाबाद में स्कूल क्यों बंद किए गए हैं?

कड़ाके की ठंड और बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों की सेहत को देखते हुए स्कूल बंद किए गए हैं।

स्कूल कितने दिनों तक बंद रहेंगे?

जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार स्कूल तीन दिनों तक बंद रहेंगे।

स्मॉग क्या होता है?

धुएं और कोहरे के मिल जाने से बनने वाली जहरीली हवा को स्मॉग कहते हैं।

प्रदूषण बढ़ने से सबसे ज्यादा किसे नुकसान होता है?

बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती है।

ठंड और प्रदूषण से बचाव कैसे करें?

घर से बाहर कम निकलें, मास्क पहनें और बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखना चाहिए।

मेरा ये राय हैं

गाजियाबाद में स्कूल बंद करने का फैसला बिलकुल सही और ज़रूरी है। इतनी ज़्यादा ठंड और प्रदूषण में बच्चों को स्कूल भेजना उनकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है। छोटे बच्चों पर धुंधली और जहरीली हवा और ठंडी हवा का असर जल्दी पड़ता है, जिससे सर्दी-खांसी, सांस की दिक्कत और बुखार जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।