साल 2025: ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का साल

साल 2025 को भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक अहम मोड़ के तौर पर याद किया जाएगा। इस साल सुप्रीम कोर्ट ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले दिए, जिनका सीधा असर आम जनता, प्रशासन और पर्यावरण पर पड़ा। कानूनी जानकारों के मुताबिक, आवारा कुत्तों से लेकर बुलडोजर कार्रवाई और अरावली पर्वत श्रृंखला तक… 2025 के 10 ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने संविधान की मूल भावना को मजबूत किया। इन फैसलों ने न सिर्फ कानून की व्याख्या को बदला, बल्कि सरकारों के कामकाज और नागरिक अधिकारों के लिए भी एक नई दिशा तय की।

आवारा कुत्तों पर फैसला: सुरक्षा और दया के बीच संतुलन

2025 में सुप्रीम कोर्ट के बड़े और सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे फैसलों में से एक आवारा कुत्तों का मुद्दा था। कोर्ट ने साफ कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है, लेकिन जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने वैज्ञानिक और मानवीय तरीकों से आवारा कुत्तों की आबादी को कंट्रोल करने के निर्देश दिए। 2025 के 10 ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में यह फैसला इसलिए अहम माना जाता है क्योंकि इसने जीवन के अधिकार और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाया।

बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर बहुत सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने साफ किया कि बिना सही कानूनी प्रक्रिया के कोई भी तोड़फोड़ संविधान के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर का इस्तेमाल सजा के तौर पर नहीं किया जा सकता। इस फैसले ने प्रशासनिक मनमानी पर रोक लगाई और कानून के शासन को मजबूत किया। नागरिक अधिकारों की रक्षा के मामले में यह फैसला बेहद अहम माना जाता है।

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अरावली पहाड़ियों की सुरक्षा पर ऐतिहासिक आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक बड़ा कदम उठाया। अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन और निर्माण पर सख्त रोक लगाते हुए कोर्ट ने इसे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया। कोर्ट ने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता नहीं किया जा सकता। इस फैसले ने भूजल संरक्षण, जलवायु संतुलन और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश दिया। 2025 के ये 10 फैसले क्यों याद रखे जाएंगे?

कुल मिलाकर, आवारा कुत्तों पर कार्रवाई से लेकर अरावली पर्वत श्रृंखला तक, ये फैसले दिखाते हैं कि 2025 में सुप्रीम कोर्ट के 10 ऐतिहासिक फैसलों ने न्यायपालिका की सक्रिय और संवेदनशील भूमिका को दिखाया। इन फैसलों ने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, पर्यावरण को प्राथमिकता दी, और नागरिक अधिकारों को मज़बूत किया। इन फैसलों का असर आने वाले सालों में कानून, नीति और शासन पर साफ दिखेगा।सुप्रीम कोर्ट 2025 फैसले,