LIC AAO Prelims Exam Analysis 2026: देख भाई, सीधी बात बताऊं तो इस बार का पेपर ना बहुत आसान था ना बहुत खतरनाक। मतलब मध्यम स्तर का पेपर था। जो बच्चा रोज प्रैक्टिस कर रहा था, उसके लिए ज्यादा टेंशन वाली बात नहीं थी। लेकिन जो बस आखिरी हफ्ते में किताब खोलता है, उसका पसीना जरूर निकला होगा। 3 अक्टूबर की परीक्षा में सवाल घुमा-फिरा कर पूछे गए, सीधे लाइन वाले कम थे। कुल मिलाकर बोलूं तो तैयारी वाले बच्चों का पेपर अच्छा गया, और बिना तैयारी वालों को लगा कि अरे ये क्या हो गया।
कौन सा सेक्शन बना हीरो?
अब तू जरूर पूछेगा कि किसने खेल पलटा। तो भाई इस बार Reasoning सेक्शन ने असली खेल बदला। पजल और सीटिंग अरेंजमेंट ने बच्चों को थोड़ा उलझा दिया। सवाल बहुत मुश्किल नहीं थे, लेकिन टाइम खा गए। जिसने दिमाग शांत रखा, उसने अच्छे नंबर बना लिए। वरना दो-तीन सवाल में ही टाइम निकल गया। मतलब साफ है, स्पीड और सही रणनीति जरूरी थी।
Quant और English का क्या हाल रहा?
Quant में सवाल ठीक-ठाक लेवल के थे। ज्यादा ऊँची उड़ान नहीं थी, पर हल्के भी नहीं थे। जिनको बेसिक क्लियर था, उनके लिए manageable रहा। खासकर Arithmetic के सवाल काम के साबित हुए। English की बात करें तो यह सेक्शन थोड़ा राहत देने वाला रहा। Reading Comprehension सीधा था और Vocabulary भी बहुत टेढ़ी नहीं थी। यानि जिसने रोज अखबार पढ़ा होगा, उसका काम बन गया।
टाइम मैनेजमेंट ने क्या रोल निभाया?
देख दोस्त, इस बार असली गेम था टाइम मैनेजमेंट। पेपर लंबा महसूस हुआ क्योंकि सवाल सोचने वाले थे। जिसने पहले आसान सवाल पकड़े और बाद में कठिन पर गया, वही बाजी मार गया। गाँव वाली भाषा में समझ ले, जो पहले सीधा रास्ता पकड़ लिया वो आराम से पहुंच गया, और जो घुमावदार रास्ते में फंस गया उसका टाइम निकल गया।
कुल मिलाकर रिजल्ट कैसा रहेगा?
अब आखिरी बात, कटऑफ बहुत ज्यादा ऊपर जाने की उम्मीद नहीं है क्योंकि पेपर पूरी तरह आसान भी नहीं था। पर हां, कम्पटीशन तगड़ा है, ये याद रखना। जिसने 65 से 75 के बीच अच्छे प्रयास किए हैं, उसका नाम लिस्ट में आ सकता है, बाकी राज्य पर भी निर्भर करेगा। कुल मिलाकर बोलूं तो पेपर ने मेहनती बच्चों को फायदा दिया और लापरवाहों को सबक सिखा दिया। अब बस रिजल्ट का इंतजार है, बाकी तैयारी जारी रखो क्योंकि असली लड़ाई अभी बाकी है।