Polio drops missed: मेरा आपसे एक सवाल है, जिसका ज़िक्र मैंने पहले भी किया है, और इसे समझना आपके लिए बहुत ज़रूरी है, खासकर इसलिए क्योंकि यह बीमारी बच्चों को प्रभावित करती है। आप सभी पोलियो की इस चुनौती का सामना कर रहे हैं, और मैं आपको बता रहा हूँ कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है जो मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। यह बीमारी बच्चों की मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। अगर समय पर इसका इलाज या बचाव न किया जाए, तो यह बच्चे को हमेशा के लिए कमज़ोर कर सकती है। इसलिए, सरकार बच्चों को रेगुलर इंटरवल पर पोलियो ड्रॉप्स पिलाती है। ये ड्रॉप्स बच्चे के शरीर में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बनाने में मदद करती हैं।

पोलियो की बूँदें क्यों जरूरी हैं?

हम आपको बताएंगे कि पोलियो ड्रॉप्स आपके बच्चों के लिए बेहतर क्यों हैं। पोलियो ड्रॉप्स बच्चों को वायरस से बचाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। ये ड्रॉप्स बच्चों की इम्यूनिटी को मज़बूत करते हैं। अगर कोई बच्चा पोलियो वायरस के संपर्क में आता है, तो शरीर आसानी से उससे लड़ पाता है। सरकारी अभियान के अनुसार, बच्चों को जन्म के तुरंत बाद और 5 साल की उम्र तक रेगुलर इंटरवल पर पोलियो ड्रॉप्स दिए जाते हैं। हर डोज़ का एक खास टाइम फ्रेम होता है। पूरा कोर्स पूरा करना ज़रूरी है ताकि बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित रहे। अगर कोई डोज़ छूट जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चा तुरंत खतरे में है।

बूँद छूटने के सामान्य कारण

कुछ सामान्य कारण जिनसे बूँद छूट सकती है बीमारी या अस्वस्थता  अगर बच्चा हल्का बुखार या कोई बीमारी से ग्रस्त हो। जानकारी की कमी माता-पिता को पता न हो कि बूँद कब देनी थी। दूरदराज इलाका या स्वास्थ्य केंद्र की दूरी  कुछ जगहों पर केंद्र तक पहुँचना मुश्किल हो सकता है। अन्य आकस्मिक परिस्थितियाँ यात्रा, मौसम या व्यस्तता की वजह से बूँद छूट सकती है।

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बूँद छूटने का असर बच्चे की सुरक्षा पर

यदि बच्चा समय पर बूँद नहीं लेता:

  • इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है  बच्चा पोलियो वायरस से पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहता।
  • संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है  बच्चे के पोलियो से संक्रमित होने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है।
  • समुदाय में फैलाव का खतरा  पोलियो ड्रॉप लेने से ही बच्चे और आसपास के लोग सुरक्षित रहते हैं।

लेकिन याद रखें, एक या दो बूँदें छूट जाएं तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे जल्द पूरा किया जाए तो बच्चा सुरक्षित रह सकता है।

अगर बूँद छूट गई हो तो क्या करें?

नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएँ  सभी केंद्रों पर नियमित पोलियो ड्रॉप उपलब्ध होती है। अगली बूँद का समय तय करें  डॉक्टर से सलाह लेकर बच्चे की शेष बूँदें पूरी करें। साफसफाई और सुरक्षा बढ़ाएँ – बच्चे के हाथ अच्छे से धोएँ और स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें। समय पर सभी बूँदें लें  पूरी शेड्यूल को फॉलो करना जरूरी है। साफसफाई बनाए रखें  बच्चे के हाथ और आसपास की जगह साफ रखें। सुरक्षित और साफ भोजन दें  कच्चा या अस्वच्छ भोजन न दें। डॉक्टर की सलाह लें अगर बच्चे को बुखार, कमजोरी या कोई अन्य लक्षण हैं।

माता-पिता का रिएक्शन

हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि अपने बच्चे को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने से उनकी सेहत को बहुत फायदा होगा। आप हमारी वेबसाइट पर और जानकारी पा सकते हैं, और हम माता-पिता द्वारा अपने बच्चे की सेहत के बारे में पूछे जाने वाले एक आम सवाल का जवाब भी देना चाहते हैं: अगर कोई डोज़ छूट जाए तो क्या करें? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि चिंता करने के बजाय, तुरंत कार्रवाई करें, जैसे कि वैक्सीनेशन शेड्यूल पूरा करने के लिए अपने नज़दीकी हेल्थ सेंटर जाएं। माता-पिता ने भी अपने अनुभव शेयर किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया है कि रेगुलर पोलियो ड्रॉप्स मिलने के बाद उनके बच्चे स्वस्थ और एक्टिव रहते हैं। यह साफ़ दिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा और इम्यूनिटी के लिए ये ड्रॉप्स कितने ज़रूरी हैं।