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Introduction (परिचय)
खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व देते हैं। भारत सहित कई देश सितंबर 2025 में होने वाले चंद्र ग्रहण को देख पाएँगे। यह ग्रहण लोगों की रुचि भी जगाता है और कुछ हद तक धार्मिक मान्यताओं से भी जुड़ा है।भारत में ग्रहण को लंबे समय से एक धार्मिक और खगोलीय घटना माना जाता रहा है। उचित तैयारियाँ करने के लिए, लोग सटीक तिथि, समय और सूतक काल जानना चाहते हैं।
भारत में सितंबर 2025 में होने वाले चंद्र ग्रहण का समय, सूतक काल की शुरुआत और इस दौरान बरते जाने वाले सुरक्षा उपायों पर इस लेख में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
1. What is a lunar eclipse? (चंद्र ग्रहण क्या होता है? )
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुँच पाती और उसकी सतह पर अंधेरा छा जाता है।
चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है:
- पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) – जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में चला जाता है।
- आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) – जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में होता है।
- उपछाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) – जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया में आता है और उसका रंग फीका दिखाई देता है।
2. When is the lunar eclipse of September 2025? (सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण कब है?)
ज्योतिषीय गणनाओं और खगोल शास्त्रियों के अनुसार, सितंबर 2025 में चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर की मध्य रात्रि को लगेगा।
- तारीख – 7-8 सितंबर 2025
- ग्रहण की शुरुआत (भारत समय) – रात लगभग 8:42 बजे
- पूर्ण ग्रहण का समय – रात 10:17 बजे से 11:48 बजे तक
- ग्रहण का अंत – 1:15 बजे (8 सितंबर की सुबह)
- कुल अवधि – लगभग 4 घंटे 33 मिनट
यह ग्रहण भारत में साफ तौर पर दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व दोनों ही रहेगा।
3. When is the lunar eclipse of September 2025? (सूतक काल कब लगेगा?)
हिंदू धर्म में ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक काल माना जाता है। इस दौरान कई धार्मिक और सामाजिक कार्यों पर रोक होती है।
- सूतक आरंभ – 7 सितंबर की सुबह 11:42 बजे से
- सूतक समाप्त – ग्रहण समाप्त होने पर, यानी 8 सितंबर की सुबह 1:15 बजे
4. When will the Sutak period start? (सूतक काल और धार्मिक मान्यताएँ)
सूतक काल में खासकर पूजा-पाठ, खाना बनाना और खाना खाना वर्जित माना जाता है।
नियम और मान्यताएँ:
- भगवान की मूर्तियों को ढक दिया जाता है।
- गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से मना किया जाता है।
- ग्रहण के समय मंत्र जाप और दान का विशेष महत्व होता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करना और घर की शुद्धि करना आवश्यक माना जाता है।
5. Sutak period and religious beliefs (वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण)
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है। इसमें डरने या अंधविश्वास पालने की जरूरत नहीं है।
- यह सिर्फ पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति के कारण होता है।
- ग्रहण के समय चंद्रमा का रंग लालिमा लिए हुए दिख सकता है, जिसे “Blood Moon” भी कहा जाता है।
- वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री इस दौरान चंद्रमा की सतह और वातावरण का अध्ययन करते हैं।
6. Lunar eclipse from a scientific point of view (भारत में ग्रहण का समय)
भारत में सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण देश के सभी हिस्सों में दिखाई देगा।
- उत्तर भारत (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार) – पूरी रात साफ दिखाई देगा।
- दक्षिण भारत (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक) – ग्रहण का दृश्य शानदार रहेगा।
- पूर्वी भारत (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम) – यहाँ भी चंद्र ग्रहण आसानी से दिखाई देगा।
- पश्चिम भारत (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र) – ग्रहण का नजारा साफ रहेगा।
7. Eclipse timing in India What to do and what not to do during an eclipse? (ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?)
क्या करें?
- मंत्र जाप करें और ध्यान लगाएँ।
- जरूरतमंदों को दान करें।
- ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान और घर की शुद्धि करें।
क्या न करें?
- गर्भवती महिलाएँ ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें।
- खाने-पीने की चीज़ों को खुला न छोड़ें।
- चाकू या तेज़ चीज़ों का उपयोग करने से बचें।
8. Astrological effects (ज्योतिषीय प्रभाव)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण सभी राशियों को प्रभावित करता है।
- मेष और तुला राशि – मानसिक अस्थिरता से बचें।
- वृषभ और कन्या राशि – आर्थिक लाभ की संभावना।
- मिथुन और धनु राशि – रिश्तों में तनाव हो सकता है।
- कर्क और मीन राशि – सेहत पर ध्यान दें।
- सिंह और मकर राशि – करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
- वृश्चिक और कुंभ राशि – आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
9. The experience of watching the eclipse (ग्रहण को देखने का अनुभव)
सितंबर 2025 का यह चंद्र ग्रहण भारत के लिए बेहद खास होगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा लालिमा लिए हुए दिखेगा।
- यह दृश्य खगोल प्रेमियों और फोटोग्राफर्स के लिए शानदार अवसर होगा।
- खुले मैदान या छत से इसे सबसे बेहतर तरीके से देखा जा सकता है।
- दूरबीन से देखने पर और भी सुंदर दृश्य मिलेगा।
10.Redressal (निवारण)
सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण भारत में 7 सितंबर की रात से 8 सितंबर की सुबह तक दिखाई देगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जिसकी अवधि लगभग 4 घंटे 33 मिनट होगी।
धार्मिक दृष्टिकोण से इसका सूतक काल सुबह 11:42 बजे से शुरू होगा और ग्रहण समाप्ति तक चलेगा। इस दौरान लोग मंत्र जाप, ध्यान और दान जैसे शुभ कार्य कर सकते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सिर्फ एक खगोलीय घटना है, जिसे डरने की बजाय देखने और समझने का अवसर मानना चाहिए।