AP Dhillon : अरे यार, सुनो तो सही! कल रात का सीन बड़ा मजेदार था। मैं और मेरे दोस्त वीर पहाड़िया स्टेज के सामने खड़े थे। पूरा गाँव और शहर का भीड़ जमा हो गया था। और भाई, AP Dhillon का म्यूजिक चल रहा था, लोग झूम रहे थे। अब ये AP Dhillon कौन? पता है ना, वह पंजाबी म्यूजिक का सुल्तान। और उसी के गाने के बीच, अचानक स्टेज पर तारा आई। मतलब, वही तारा, जिसको देखकर हर कोई “वाह क्या बात है! बोलता है।
AP Dhillon के गाने पे तारा की धमाकेदार एंट्री!
तो शुरू हुआ मस्ती का सीन। मैं अपने दोस्त वीर को समझा रही थी अरे वीर, देख! ये तारा आ गई! ध्यान से देख, कैसे स्टाइल में आई है। वीर थोड़ा बौखला गया भाई। उसके चेहरे पर ऐसा हावभाव था जैसे कोई चोरी पकड़ा गया हो। वो सीधे मेरी तरफ देखने लगा और कहा अरे यार, ये क्या कर रही है? स्टेज पे ही ऐसा क्या कर दिया? मैं हँसी रोक के बोली वीर, थोड़ा धैर्य रख, बस स्टेज पर देखो! म्यूजिक का मजा लो! पर भाई, वीर नहीं मना। वो तो ऐसे बौखला गया कि पूरा गाँव हँस रहा था। लोग देख रहे थे, और मुझे भी अंदर से हँसी आ रही थी। मैं अंदर से सोच रही थी,
वीर पहाड़िया का बौखलाहट भरा रिएक्शन!
अरे भाई, ये वीर भी ना, जैसे स्टेज पर AP Dhillon और तारा का सीन पहली बार देख रहा हो! अब बात ये थी कि स्टेज पर तारा ने AP Dhillon के गाने पर अपना डांस शुरू किया। और भाई, क्या बताऊँ! डांस ऐसा कि पूरा हॉल थिरकने लगा। मैं भी हाय हाय कर रही थी, और वीर तो बोलता जा रहा था भाई, ये स्टेज पे क्या कर रही है? ये तो बिलकुल मुझसे मुकाबला कर रही है मैं हँसते हुए बोली अरे वीर, मुकाबला किससे? ये तो सिर्फ गाने का मजा है, थोड़ी मस्ती है! लेकिन वीर को समझ नहीं आया। उसका पूरा फोकस सिर्फ तारा पे था। भाई, इतना बौखलाया कि उसने स्टेज के सामने खुद ही डांस करने की कोशिश कर दी। और लोग तो हँसी रोक नहीं पाए।
स्टेज पर मच गया हँसी का बवाल
मैंने सोचा, चलो भाई को संभालना पड़ेगा। तो मैंने धीरे से कहा वीर, देख! म्यूजिक का मजा लो, इतना बौखला मत, नहीं तो लोग तुम्हें ही देखेंगे और हँसेंगे। और यहीं से शुरू हुआ असली मजेदार सीन। वीर बौखला के पीछे मुड़ गया, स्टेज की तरफ हाथ हिला रहा था, और लोग उसे देखकर हँस रहे थे। मैं अंदर से हँस-हँस कर पागल हो रही थी। और भाई, ये पूरा सीन 10 मिनट तक चला। AP Dhillon का म्यूजिक, तारा का डांस, और वीर की बौखलाहट। लोग तो इतना मजा ले रहे थे कि स्टेज का माइक भी हँसते हुए लग रहा था।
अंत में सबने ठहाका लगाया!
आखिर में, स्टेज खत्म हुआ और तारा ने हाथ हिलाया। मैं और वीर पीछे खड़े थे। मैं हँसते हुए बोली वीर, अब तो समझ आया ना, मजा लेने का तरीका? वीर ने थक के सिर हिलाया और बोला हाँ यार, अब समझ आया। लेकिन अगली बार मैं बिलकुल बौखलाऊँगा नहीं, बस मजा लूँगा। तो भाई, ये था पूरा सीन। AP Dhillon के गाने, तारा की धमाकेदार एंट्री, और वीर की बौखलाहट। पूरा गाँव हँस-हँस के पागल हो गया। और मैं? मैं तो बस अंदर से हँसती रही और सोच रही रही अरे यार, कभी-कभी दोस्त की बौखलाहट देखने का मजा भी कम नहीं! तो अगली बार जब AP Dhillon स्टेज पर आए, तो तुम भी ध्यान रखना। और हाँ, दोस्त को ज्यादा बौखलाने मत देना, वरना पूरा हॉल तुम्हें ही देखेगा!