Gorakhpur Crime News: अरे यार, सुनो तो सही, गोरखपुर में ऐसा हड़कंप मचा कि पूछो मत! सब लोग अभी भी हैरान हैं कि एक इंसान, जिसे हम अपना साथी कहते हैं, अपनी बीवी के साथ ऐसा क्या कर बैठा कि. अरे भाई, दफना दिया जमीन में! हाँ हाँ, वही जमीन, जिस पर हम अपने मुँह पर मिट्टी लगा के खेलते थे, अब वहाँ कोई बीवी दफन हो गई। देखो, मामला शुरू हुआ एकदम मामूली-सा। पता चला है कि झगड़ा हुआ था फोन को लेकर। हाँ, वही फोन जो आजकल हर किसी की ज़िंदगी का भगवान बन गया है। आदमी बोला मेरा फोन कहा है?” बीवी बोली अरे छोड़ो ना, काम चल रहा है। लेकिन आदमी को लगा, ये कोई बहाना है, और उसने गुस्से में ऐसा कदम उठा लिया कि पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया।

प्यार या फोन का पागलपन?

अब सोचो, हम लोग रोज़ टीवी पर खबर सुनते हैं कि कहीं चोरी, कहीं झगड़ा, कहीं और ये आदमी सीधे अपनी बीवी को मारकर जमीन में दबा देता है। यार, ये कौन-सी फिल्म की कहानी लग रही है! अगर मैं ये अपने दोस्त को बताऊँ, तो वो बोलेगा अरे तू मज़ाक कर रहा है न?पर सच्चाई ये है कि ये मजाक नहीं, ये तो गोरखपुर का कड़वा सच है।

पुलिस आई, मोहल्ला हुआ गड़बड़

और हाँ, यहाँ जो चीज सबसे अजीब है वो ये कि आदमी ने इतनी चालाकी दिखाई कि पहले लगा जैसे कोई पुराना जमाना है  अरे खेत में हल चला रहा था और मिट्टी फेंक रहा था लेकिन असल में वो अपनी बीवी को जमीन में दफना रहा था। यार, सोचो, अगर ये हमारे गांव में होता, तो लोग चाय की दुकान पर बैठकर यही कहते  अरे भैया, ये तो सीधे-सीधे पुरखा-जमाना वाला मामला हो गया! पुलिस ने जैसे ही ये खबर सुनी, तुरंत छानबीन शुरू कर दी। और जैसे ही हकीकत सामने आई, पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। अब पुलिस पूछ रही है  क्यों किया? आदमी बोला  फोन के लिए झगड़ा हुआ था। यार, क्या जमाना आ गया है कि मोबाइल के लिए प्यार भी जमीन में दब जाता है!

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गांव वाले बोले ये तो पुरखा जमाना वाला मामला है!

साथ ही, लोग अब सोशल मीडिया पर हंस-हंसकर भी परेशान हैं। कोई कह रहा है  भाई, ये तो फोन से ज़्यादा खतरा पैदा करने वाला ऐप बन गया। कोई कह रहा है  अरे, पहले मोबाइल चोरी होती थी, अब मोबाइल झगड़ा करवा रहा है। और हम, जैसे दोस्त, बस हंसते हुए कह रहे हैं  भाई, ये तो गोरखपुर क्राइम न्यूज का नया एपिसोड है। अब बात करते हैं सीख की   यार, चाहे कितनी भी झगड़े हों, चाहे फोन खो जाए, चाहे पागलपन का मूड हो, ये हद है कि इंसान अपने साथी को मारे। प्यार में लड़ाई होती है, लेकिन जमीन में दफना देन  ये तो कहानी के हद से बाहर है।

सीख जो हम सबको लेनी चाहिए

तो मेरी दोस्त, अगली बार जब भी कोई कहे  भाई, फोन खो गया है  तो ध्यान रखना। गुस्से में आकर ऐसी गलती मत करना। और हाँ, अगर कहानी सुनाने का मूड हो, तो गांव के तड़के के साथ सुनाना  जैसे हमने अभी किया। थोड़ा हँसी-मज़ाक डालो, लेकिन सच का मसाला भी बना रहना चाहिए। अंत में, ये खबर हमें ये भी सिखाती है कि मोबाइल चाहे कितना भी जरूरी हो, इंसान का प्यार और जिंदगानी उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। वरना  गोरखपुर का ये मामला सबको डराने के लिए काफी है।