Government aircraft: अरे यार, तूने सुना क्या? बाबा बागेश्वर अब सीधे सरकारी विमान से गाँव में एंट्री मारके आए! और सुन, ये कोई आम एंट्री नहीं थी। जैसे ही विमान लैंड हुआ, पूरा हवाई अड्डा मानो मेले में बदल गया। लोग ऐसे इकट्ठा हुए जैसे कोई नया गाना रिलीज़ हुआ हो। मतलब यार, तू सोच ले, सुबह-सुबह सरकारी विमान से बाबा उतरते हैं, और उनके पीछे पुलिस अफसर जो सख्त-सख्त वाले होते हैं अचानक जूते उतारकर उनके पैर छू रहे हैं! हां हां, वो वही लोग जो कभी लाल बत्ती वाली कार के आगे खड़े रहते हैं, आज बाबा के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। गाँव वाले तो बस यही सोच रहे थे  अरे बाप रे, ये तो बड़ा तमाशा होने वाला है।

बाबा बागेश्वर की एंट्री, पूरे गाँव में हड़कंप मचा

और भाई, माहौल इतना मजेदार था कि मैं खुद अपनी हँसी रोक नहीं पाया। लोग कैमरा निकाल कर फोटो खींच रहे थे, बच्चे दौड़ रहे थे, और कोई बोला  देखो भैया, बाबा के पैर छूने की रस्म शुरू हो गई।” यार, अगर तू सोच रहा है कि ये सिर्फ दिखावा था, तो बिल्कुल नहीं। पुलिस अफसर इतने गंभीर थे कि अगर तू उनके जूते पर कदम रख देता, तो लगा कि जैसे कोई राजा सामने खड़ा है।

सरकारी विमान से बाबा उतरे, पुलिस ने जूते उतारकर पैर छू लिए!

अब तू जानना चाहेगा कि ये सब क्यों हुआ। अरे भाई, मामला ये है कि बाबा बागेश्वर ने पिछले महीने गाँव में पूजा-अर्चना करवाई थी। पूरा इलाका उनके भक्तों से भरा पड़ा था। सरकार ने सोचा, “चलो, बाबा को सम्मान देने का एकदम स्टाइलिश तरीका अपनाते हैं। और क्या, सरकारी विमान भेजा, रेड कार्पेट बिछाया, और पुलिस अफसर को आदेश दिया पैर छूना है!”

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सरकारी प्लेन  बाबा  जूते उतारे अफसर मचा तहलका

लेकिन मजेदार हिस्सा अभी बाकी है। जैसे ही अफसर ने बाबा के पैर छुए, गाँव वाले तालियों की आवाज़ से ऐसा गूंज उठा जैसे कोई फिल्म का सीन चल रहा हो। एक लड़का बोला अरे भई, ये तो हमारी फिल्मों से भी बढ़िया ड्रामा है।” और एक बूढ़ा आदमी हँसते हुए बोला  काका अब तो मैं भी अगले साल पैर छूने का इंतजार करूंगा। और यार, तू जानता है सबसे बड़ा मज़ा कहाँ आया? एक शख्स ने अपने फोन से लाइव वीडियो शुरू कर दी। पूरा गाँव लाइव देख रहा था। लोग कमेंट कर रहे थे  भाई, ये क्या हो रहा है? पुलिस वाले भी बाबा के सामने फेल। हाहा!

अरे भई! पुलिस वाले भी फेल – बाबा के पैर छुए

तो भाई, ये था पूरा हड़कंप। सरकारी विमान से धमाकेदार एंट्री, पुलिस अफसर का जूते उतारकर पैर छूना, और गाँव वाले का मज़ा लेते रहना। मतलब साफ-साफ, इस दिन का रिकॉर्ड तो गाँव की इतिहास किताब में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। और सच कहूँ, मैं तो हँसते-हँसते यही सोच रहा था अगली बार अगर मुझे कोई बड़ा इंसान मिलने आए, तो मैं भी जूते उतार कर पैर छू लूँ, कौन जाने मजा आये। तो यार, ये थी हमारी की कहानी बाबा बागेश्वर की धमाकेदार एंट्री की। मजा आया ना?